पश्चिम बंगाल की लोक नाट्य शैली “भवानी जात्रा” में महिषासुरमर्दिनी

आकाश पाताल को अपनी ज्योति से उद्भासित करती आद्यशक्ति सहस्त्र भुजवती देवी ‘भवानी’ की शत्रुविमर्दिनी शक्ति का चिरस्मरणीय प्रदर्शन हाल ही में भोपाल के जनजातीय संग्रहालय के सभागार में देखने को मिला। पश्चिम बंगाल की संस्था कोलकात्ता रंगमंच थियेटर  के कलाकारों द्वारा शोभीजीत हलदर के निर्देशत्व में प्रस्तुत ‘भवानी जात्रा’ की प्रस्तुति ने आद्यान्त दर्शकों को भक्ति प्रवण बनाये रखा। हमारी शक्ति रूपिणी शक्ति हमारे भीतर छिपी है का गूढ़ार्थ लिये पश्चिम बंगाल की लोक नाट्य शैली ‘जात्रा’ में महिषासुरमर्दिनी को ऐसे रूपायित किया गया कि हर दृश्य की समाप्ति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान रहा। संस्कृतनिष्ठ श्लोकों, …

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