श्री केदारनाथ: देवभूमि उत्तराखण्ड में शिव का चिन्मयी धाम

श्री केदारनाथ

हमारे महामनीषियों ने तरति अनेन अति तीर्थम् की संज्ञा देकर तीर्थों के दर्शन तथा अभिगमन से अन्तःकरण की शुद्धि की जो धर्मदृष्टि प्रतिपादित की है उसे स्वानुभूत करने के अभिलाषी हों तो देवभूमि उत्तराखण्ड के तीर्थों का सेवन कर आइए। जहां द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रहों के गणनाक्रम में ग्यारहवें स्थान पर प्रतिष्ठित देव देवेश्वर महेशान का चिन्मयी स्थान श्री केदारनाथ धाम जगत्पति जगदीश्वर श्री विष्णु देव की शाश्वत परम स्थली श्री बद्रीनाथ धाम श्री विष्णु के वामपाद के अंगुष्ठ (अंगूठे) से उद्भूत तीर्थ मूर्धन्या गंगा का गंगोत्तरी धाम, सूर्य सुता यमुना का दिव्यातिदिव्य उद्गम स्थल यमुनोत्तरी धाम, सप्तपुरियों में …

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भोपाल से श्री मल्लिकार्जुन: एक अविस्मरणीय यात्रा

श्री मल्लिकार्जुन यात्राएं उद्देश्यपरक होती हैं इसमें कोई सन्देह नहीं, लेकिन यादगार यात्राएं तो वही कहलाती हैं जिनकी इन्द्रधनुषी स्मृतियां लम्बे समय तक मन को आलोढ़ित करती रहती हैं। रेल और हवाई यात्राएं चाहे सुगम, सुविधाजनक और सुलभ कितनी ही क्यों न हों पर सड़क यात्राएं नैसर्गिक सौंदर्य के रसास्वादन का वास्तविक माध्यम होती हैं। अतः हमने अपने ‘लांग वीकेण्ड टूर’ के लिए सड़क मार्ग को ही श्रेयस्कर समझा। उद्देश्य भी यही था रोमांच की पराकाष्ठा की अनुभूति और विशुद्ध देशज संस्कृति की सौंधी गंध को महसूसना। देश के वैभवशाली ऐतिहासिक, समृद्ध सांस्कृतिक और आलौकिक आध्यामित्क परिवेश के सुरम्य साझा …

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