देवबल्ड़ा के मंदिरों की पुनर्निर्मिति से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

यात्रा की शुरुआत – देवास और सीहोर जिलों की सीमा (जिसे ग्रामीणजन सरहद्दी पुकारते हैं) में स्थित देवबल्ड़ा लीजिये! आकाश के सुन्दर क्षितिज पर आ विराजे हैं सविता भगवान और हम भोपाल इंदौर राजमार्ग क्रमांक 18 पर भोपाल से  125 कि.मी. दूर स्थित विंध्यांचल पर्वत माला के नाभिस्थान और नेवज नदी के उद्गम स्थल देवबल्ड़ा के परमारकालीन मंदिर संकुल के अन्वीक्षण की उद्देश्य सिद्धि यात्रा पर निकले हैं। देवास और सीहोर जिलों की परिमा (जिसे ग्रामीणजन सरहद्दी पुकारते हैं) में स्थित देवबल्ड़ा का पहुँच मार्ग मालवा  को श्रीसंपन्न बनाने वाली सिंचाई की बारहमासी प्राणपद नदियों के दिग्दर्शन कराता चलता  है। सोंडा गांव के …

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लोकमतः शनिदेव की साढ़ेसाती ने सम्राट विक्रमादित्य को चम्पावती (चकल्दी) पहुंचाया

लोकमतः राजा विक्रमादित्य का शनि प्रकोप चम्पावती में शांत मध्यप्रदेश के शाजापुर और सीहोर जिलों के अवन्तिपुर बड़ोदिया, पगरावद, रनायल, कोटरी, दिवड़िया, तिलावद, ढावला राय गाँवों में विक्रमादित्य की प्रशंसा के गीत पुरातन का सतत अनुसंधान हमारी यात्राओं के मूल में रहा है आज भी हम यात्रिक बन ऐसे अतीत में झांकने निकले हैं ,जिसमें हमें सम्राट विक्रमादित्य संबंधी एक  दंतकथा के  मर्म की खोज करना है  ,एक ऐसा राजा जिसे लोक ने देवता स्वरूप पूजा परन्तु इतिहास के समक्ष वह चुनौती बन गया हम उसी सर्वशक्तिमान लोकात्मा की सर्वप्रभुता के यथार्थ दर्शन के लिए निकले थे  कतिपय सूत्रों से पता चला था  कि  रमपुरा …

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